मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरियों के लिए एक कैटेगरी एग्जाम को मंजूरी,अब अलग-अलग भर्ती परीक्षाएं नहीं होगी|MP Govt Bharti One Exam 2026

MP Govt Bharti One Exam 2026-मध्यप्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में भर्तियों के लिए अब एक ही परीक्षा होगी|मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमटी ने संयुक्त भर्ती परीक्षा प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है|इसके अंतर्गत 
अब प्रदेश में मप्र कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) प्रत्येक साल में तीन क्वालिफाइंग एग्जाम और मप्र लोकसेवा आयोग (MPPSC) पांच परीक्षाएं आयोजित करेगा। कैबिनेट मंजूरी के बाद इसे अप्रैल-मई 2026 से लागू करने की योजना है,जानिए इससे क्या परिवर्तन होगा|

मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा तीन वर्गों की परीक्षाएं होंगी|MPESB Bharti Exam 2026 Three Type Category 

newsjobmp-नवीन संशोधित नियमों के अंतर्गत एपीईएसबी केवल चयन योग्यता परीक्षाएं यानी क्वालिफाइंग एग्जाम आयोजित करेगा। ऑनलाइन आयोजित परीक्षा के प्राप्तांको के आधार पर स्कोर कार्ड जारी किया जाएगा,इसकी वैधता दो साल तक रहेगी। इसी स्कोर के आधार पर ही विभिन्न सरकारी विभागों भर्तियां होंगी।
इस परीक्षा में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 40% एवं अनारक्षित वर्ग के लिए 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा तभी उन्हें भर्ती की चयन सूची में शामिल किया जाएगा|
अलग-अलग योग्यता एवं पदों के अनुसार परीक्षा को इस प्रकार विभाजित किया गया है 
  1. शिक्षक भर्ती परीक्षा-शिक्षक भर्ती के लिए दो चरण की परीक्षा होगी,पहले शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) और उसके बाद सफल उम्मीदवारों के लिए विषय और वर्ग (1,2,3) आधारित शिक्षक भर्ती चयन परीक्षा आयोजित हैं|अधिक जानकारी आगे newsjobmp पर दी गई है|
  2. संयुक्त गैर-तकनीकी परीक्षा-यह लिपिकीय और अन्य कार्यालयीन पदों के लिए होगी। वेतनमान के आधार पर इसे चार स्तरों में बांटा गया है, ताकि एक ही परीक्षा से अलग-अलग पदों के लिए चयन हो सके।
  3. संयुक्त तकनीकी परीक्षा-इसमें इंजीनियरिंग, कृषि, स्वास्थ्य जैसे विशेषज्ञ पद शामिल होंगे। उम्मीदवारों को आवेदन के समय विशेषज्ञता बतानी होगी और दो पेपर देने होंगे-सामान्य योग्यता व विषय आधारित।

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग 5 संयुक्त भर्ती परीक्षाएं परीक्षाएं आयोजित करेगा|MPPSC Bharti Five Type Exam 2026

newsjobmp-एमपीपीएससी (MPPSC) अब अलग-अलग भर्ती विज्ञापनों की जगह एक 'संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा' आयोजित करेगा, जिसके लिए सभी विभागों को हर साल 30 सितंबर तक अपने खाली पदों की जानकारी देना अनिवार्य होगा। इसमें सबसे बड़ा बदलाव सीधे इंटरव्यू का है: यदि किसी पद के लिए 500 से कम या कुल पदों के तीन गुना से कम आवेदन आते हैं, तो लिखित परीक्षा नहीं होगी। ऐसे मामलों में आयोग या तो सीधे सभी योग्य उम्मीदवारों का साक्षात्कार (इंटरव्यू) लेगा, या फिर उनके शैक्षणिक अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट बनाकर उम्मीदवारों का चयन करेगा।
  • राज्य सेवा / राज्य वन सेवा
  • समूह-2 (इंजीनियरिंग)
  • समूह-3 (सहायक प्राध्यापक)
  • समूह-4 (स्वास्थ्य समूह)
  • समूह-5 (स्नातक/स्नातकोत्तर)




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