फिर से अटकी मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती प्रकिया, इस साल संभव नहीं परीक्षा 

www.newsjobmp.com--मध्यप्रदेश पुलिस में सिपाही और सब इंस्पेक्टर के पदों के लिए भर्ती इस साल संभव नहीं है । भर्ती पर सीधा अधर कोरोना काल का है । सामान्य परिस्थितियों में भर्ती प्रक्रिया में आठ से दस माह का समय लगता है । पुलिस में भर्ती प्रक्रिया नए वित्त वर्ष में शुरू होने की उम्मीद है । प्रदेश पुलिस में पिछले तीन साल से भर्ती नहीं हुई है । ऐसे में पुलिस में भर्ती की उम्मीद लेकर बैठे कई उम्मीदवार ओवरएज हो चुके हैं । इधर , पुलिस में रिक्त पदों की संख्या बढ़ती जा रही है । मध्यप्रदेश पुलिस में पिछले तीन साल से भर्ती नहीं हुई है । साथ ही पुलिसकर्मियों के सेवानिवृत्त होने से रिक्त पदों की संख्या भी बढ़ती जा रही है । पुलिस में सिपाही के 4269 पदों पर भर्ती होना है । सिपाही की भर्ती कैसे होगी इस संबंध में पुलिस मुख्यालय दो महीने पहले नियमावली सामान्य प्रशासन विभाग को भेज चुका है । जिस पर अब तक फैसला नहीं हो सका है । जानकारों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण प्रवेश परीक्षाएं नहीं हो रही हैं । हर स्तर पर कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं । पुलिस की भर्ती में पूरे राज्य में एक साथ लिखित परीक्षा होती है , ऐसे में लगभग 12 लाख उम्मीदवारों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ प्रवेश परीक्षा दिलाना संभव नहीं है ।



वही प्रदेश उम्मीदवारों की मांगें है

  • पुलिस विभाग में लगभग 50 हजार पद खाली है, इसलिए सरकार को कॉन्स्टेबल के 20,000 से अधिक पदों पर एवं एसआई के 1500 से अधिक पदों पर भर्ती करवाना चाहिए

  • राज्य सरकार उपचुनाव को देखते हुए केवल 4269 पदों पर भर्ती करवा रही है और वह भी पता नहीं कब होगी यह पद बेरोजगारों की संख्या के अनुपात के ना के बराबर है,

  • पुलिस भर्ती के साथ-साथ अन्य भर्तियों में भी राज्य के युवाओं को प्राथमिकता मिलना चाहिए क्योंकि सरकार केवल प्राथमिकता की घोषणाएं करती है, लेकिन नियम को लागू नहीं करती अभी हाल ही में जेल प्रहरी भर्ती में नेपाल से तक फॉर्म भरवाए गए हैं





Recruitment for the posts of constable and sub inspector in Madhya Pradesh Police is not possible this year.  The direct appendage on recruitment is of the Corona period.  Under normal circumstances, the recruitment process takes eight to ten months.  Police recruitment process is expected to begin in the new fiscal year.  The state police has not been admitted for the last three years.  In such a situation, many candidates sitting in the hope of getting recruited in the police have been overused.  Here, the number of vacancies in the police is increasing.  Madhya Pradesh Police has not been admitted for the last three years.  At the same time, the number of vacancies is also increasing due to the retirement of policemen.  Police has 4269 posts to be recruited in the police.  Police headquarters has sent the rules to the General Administration Department two months ago regarding how the soldier will be recruited.  Which has not been decided yet.  Experts say that entrance examinations are not being held due to corona infection.  At every stage, efforts are being made to prevent the spread of corona infection.  In the recruitment of police, there are simultaneous written examinations in the entire state, so it is not possible to provide entrance test with social distancing to about 12 lakh candidates.


 The same is the demand of the state candidates

 About 50 thousand posts are vacant in the police department, so the government should recruit more than 20,000 posts of constables and 1500 posts of SI.

 In view of the by-elections, the state government is recruiting only 4269 posts and that too will not be known when this post is negligible in proportion to the number of unemployed.

 The youth of the state should get priority in police recruitment as well as other recruits as the government only makes the announcements of priority, but does not enforce the rules. Recently, the jail guards have been filled with forms from Nepal till now.