सितंबर तक कोरोना की स्थिति नहीं सुधरी तो आगे बढ़ सकती है मध्यप्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा की तारीख


www.newsjobmp.com--प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा ( वर्ग -3 ) । यह परीक्षा करीब एक माह तक चलेगी । इस परीक्षा में प्रदेश भर से साढ़े छह लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे । प्राफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ( पीईबी ) के अधिकारियों के मुताबिक यदि प्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति नहीं सुधरी तो परीक्षा की तारीख बढ़ाई जा सकती है । पीईबी के शेड्यूल अनुसार पूर्व में यह परीक्षा 25 अप्रैल से शुरू होना थी , लेकिन कोरोना वायरस के खतरे और लॉकडाउन के कारण परीक्षा स्थगित कर दी गई थी।
कोरोना के कारण परीक्षा की तारीख में पहले ही दो बार परिवर्तन किया जा चुका है
अब तीसरी बार परीक्षा की तारीख में संशोधन की संभावना है क्योंकि परीक्षा को लेकर अभी तक पीईबी द्वारा कोई निर्धारित रूपरेखा तैयार नहीं की गई
सबसे बड़ी समस्या पीईबी के सामने यह है कि परीक्षा ऑनलाइन होनी है एवं परीक्षा सेंटर केवल बड़े शहरों के लिए बनाया गया है अधिकांश बड़े शहरों में कोरोना के मामले पहले से ही ज्यादा हैं ऐसे में परीक्षा आयोजित कराना खतरे से कम नहीं है|
अधिकांश परीक्षार्थियों के मन में परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है
वही विशेषज्ञों की माने तो परीक्षा इस वर्ष के अंत या अगले वर्ष आयोजित होने की संभावना है क्योंकि यह परीक्षा बड़े स्तर पर आयोजित की जानी है और पीईबी किसी भी तरह की रिस्क लेने से बचने का प्रयास करेगी
क्योंकि कोरोना की गाइडलाइंस का पालन करना सबसे बड़ी चुनौती है
पीईबी के अधिकारियों के मुताबिक पीईबी की यह दूसरी सबसे बड़ी ऑनलाइन परीक्षा है । उच्च माध्यमिक में पीईबी को ढाई लाख एवं माध्यमिक शिक्षक भर्ती में करीब साढ़े तीन लाख आवेदन प्राप्त हुए थे , वहीं पटवारी परीक्षा के लिए पीईबी को 10 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे । प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 20 जनवरी से शुरू की गई थी । पीईबी को परीक्षा के लिए 6 लाख 25 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं । इसमें 15 फीसदी आवेदन अन्य राज्यों से हैं । ज्ञात हो कि आरटीई एक्ट के तहत प्राइवेट स्कूल एवं अनुकंपा नियुक्त वालों को भी यह परीक्षा पास करना अनिवार्य है । शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह भर्ती परीक्षा नहीं , बल्कि एलिजिबिलिटी टेस्ट है । 
वहीं प्रदेश में लगभग 13,000 स्कूल बंद होने से प्रदेश के परीक्षार्थियों में चिंता व्याप्त है की परीक्षा कराने के बाद कितने पदों पर भर्ती होगी और भर्ती होगी भी या नहीं सोशल मीडिया के माध्यम से परीक्षार्थी लगातार सरकार से पदों का विवरण घोषित करने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार द्वारा इस संदर्भ में कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है|



English translate by system

www.newsjobmp.com-- Primary Teacher Eligibility Test (class-3). This exam will run for about a month. This exam will include six and a half lakh candidates from across the state. According to the officials of the Professional Examination Board (PEB), if the corona virus situation in the state does not improve, then the examination date can be extended. The examination was earlier scheduled to begin on April 25, according to the PEB schedule, but the exam was postponed due to the corona virus threat and lockdown.
 The examination date has already been changed twice due to corona
 Now the examination date is likely to be revised for the third time as no set framework has been prepared by the PEB yet for the examination.
 The biggest problem facing the PEB is that the exam has to be online and the examination center has been made only for the big cities, in most of the big cities there are already more cases of corona, so conducting the examination is not less of a threat.
 Most of the examinees remain confused about the exam
 If the same experts are to be believed, then the exam is likely to be held later this year or next year as this examination is to be conducted on a large scale and PEB will try to avoid taking any kind of risk.
 Because the biggest challenge is to follow Corona's guidelines
 According to PEB officials, this is the second largest online examination by PEB. PEB had received two and a half lakh applications in higher secondary and nearly three and a half lakh applications in secondary teacher recruitment, while PEB had received more than 10 lakh applications for the Patwari examination. The application process for primary teacher recruitment was started from 20 January. PEB has received 6 lakh 25 thousand applications for the examination. Of this, 15 percent of applications are from other states. It is to be known that under the RTE Act, it is compulsory for private schools and compassionate people to pass this examination. According to education department officials, this is not an eligibility test, but an eligibility test.
 At the same time, due to the closure of about 13,000 schools in the state, there is concern among the candidates of the state, how many posts will be admitted after the examination and whether they will be admitted or not, through social media, the candidates are constantly demanding the announcement of the details of the posts from the government. But the government is not giving any answer in this context.