गुना जिले में 26 गौशालाओं का निर्माण कार्य पूर्णं



गौवंश की टैगिंग, टीकाकरण, चिकित्सा आदि कार्य हेतु 
सभी गौशालाओं में एक-एक पशु चिकित्सक एवं 
सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी की लगायी गई ड्यूटी
        मध्यप्रदेश में गौसंरक्षण के उद्देश्‍य से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त जिलों में बढ़ी संख्या में मनरेगा योजनान्तर्गत शासकीय गौशालाओं का निर्माण कराया जा रहा है। जहां गौवंशों के चारा, पानी, दाना, चिकित्सा, रख-रखाव आदि की समुचित व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। इन गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्‍य से गौशालाओं में गोबर खाद, गौमूत्र अर्क, गौकास्ट आदि का उत्पादन भी कराया जावेगा। 
 इस आशय की जानकारी में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गुना श्री निलेष परीख ने बताया कि वर्ष 2019-20 में जिले को 30 गौशाला निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। जिसमें 26 गौशालाओं का निर्माण कराया जा चुका है एवं शेष 04 गौशालाएं भी आगामी 8 से 10 दिवस में पूर्ण हो जाएंगी। सभी गौशालाओं में चारा, भूसा, दाना आदि की व्यवस्था करा दी गई है। साथ ही सभी गौशालाओं में एक-एक पशु चिकित्सक एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी की ड्यूटी भी लगाई गई है। जो गौशाला में उपलब्ध गौवंश की टैगिंग, टीकाकरण, चिकित्सा आदि का कार्य करेंगे। 
 उन्‍होंने बताया कि जनपद पंचायत आरोन की ग्राम पंचायत पनवाड़ीहाट में गौशाला निर्माण कार्य पूर्ण कराकर उसका विधिवत शुभारंभ किया जा चुका है। गौशाला में गौवंश की चारा, भूसा, दाना आदि की व्यवस्था की जा चुकी है तथा गौशाला प्रभारी, पशु चिकित्सा एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा गौशाला में उपलब्ध गौवंश की टेगिंग, टीकाकरण, चिकित्सा आदि का कार्य किया जा रहा है। 
 उन्‍होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2020-21 में गुना जिले को 130 गौशाला निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिनमें स्थल चिन्हांकन का कार्य सभी जनपदों में तीव्र गति से चल रहा है। शीघ्र ही वहां भी गौशाला निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

Construction of 26 Gaushalas in Guna district completed

 For tagging, vaccination, medical work of cow family
 All veterinarians have one veterinarian each
 Duty of Assistant Veterinary Officer
         For the purpose of cow protection in Madhya Pradesh, the Government Gaushalas are being constructed by the Panchayat and Rural Development Department under MNREGA scheme in all the districts of the state. Where provision has been made for proper arrangement of fodder, water, grain, medicine, maintenance etc. of the cow breeds. In order to make these gaushalas self-sufficient, production of cow dung, cow urine extracts, goukast etc. will also be made in the gaushalas.
  In this regard, Chief Executive Officer, District Panchayat Guna, Mr. Nilesh Parikh said that in the year 2019-20, the district had achieved the goal of constructing 30 cowsheds. In which 26 gaushalas have been constructed and the remaining 04 gaushalas will also be completed in the next 8 to 10 days. Fodder, husk, granule etc. have been arranged in all the cowsheds. In addition, the duty of one veterinarian and assistant veterinary officer has also been imposed in all the gaushalas. Those who will do the work of tagging, vaccination, medicine etc. of the cow breed available in the cowshed.
  He said that the construction of the cowshed at Panwadihat, the Gram Panchayat of Aron Panchayat, has been completed and has been duly launched. Forage, husk, grain, etc. of cow cattle have been arranged in the cow shed and teasing, vaccination, treatment etc. are being done in the cow shed by the in-charge, veterinary and assistant veterinary officer.
  Giving information, he said that in the year 2020-21, Guna district has achieved the target of 130 gaushalas. In which the work of marking the place is going on at a rapid pace in all the districts. Soon the construction of the cowshed will also be started there.