इन कोर्स में जनरल प्रमोशन को लेकर संशय, जल्द होगा फैसला

www.newsjobmp.com---इन कोर्स के छात्रों को नहीं मिल रहा जरनल प्रमोशन का लाभ मेडिकल विवि जबलपुर से एमबीबीएस , एमडी - एमएस , बीएएमएमएस , बीडीएस , बीएचएमएस , बीयूएमएस , एमडीएस , बीएससी नर्सिंग , पैरामेडिकल कोर्स के हजारों छात्र पढ़ाई कर रहे हैं । मेडिकल विवि को जनरल प्रमोशन पॉलिसी से दूर रखने के पर उक्त कोर्सेस के हजारों छात्रों को परीक्षा के लिए तैयारी करना पड़ेगी , जो कि ऐसे हालात में एक मुश्किल भरा काम है ।

वही प्रशिक्षण कोर्स जैसे  M.ED बीएड ,डीएड, आईटीआई जैसे कोर्सों में मान्यता देने वाले संस्थानों से विचार विमर्श करने के बाद ही निर्णय लेने की संभावना है फिलहाल अभी इन कोर्सों में जनरल प्रमोशन की उम्मीद कम है|
अभी नियमित एवं प्राइवेट स्नातक बीए ,बीएससी, कॉमर्स एवं स्नातकोत्तर एमए,एमएससी और एम कॉम जैसे परंपरागत कोर्सों में जनरल प्रमोशन दिया जाना निश्चित है

बाकी कोर्सों  का निर्णय मान्यता देने वाली संस्थाओं से विचार-विमर्श करने के बाद लिया जाएगा
वहीं दूसरी ओर M.ED बीएड ,डीएड, आईटीआई जैसे कोर्सों के विद्यार्थी के जरनल प्रमोशन में संशय के कारण छात्र-छात्राओं द्वारा नाराजगी जाहिर की जा रही है, छात्र छात्राओं का कहना है कि जब अन्य विषयों का प्रमोशन किया जा रहा है तो क्या हम लोग कोरोनावायरस की स्थिति में पेपर देंगें
सरकार तथा परीक्षा लेने वाली संस्थाओं को छात्र हित में जल्दी निर्णय करना चाहिए
संशय की स्थिति में छात्रों में अनावश्यक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है
कई विश्वविद्यालयों के प्राइवेट एवं रेगुलर परीक्षा फॉर्म भरवाए जा रहे हैं ऐसे में छात्र छात्राओं को दुविधा का सामना करना पड़ रहा है कि परीक्षा फॉर्म भरे या नहीं
गौरतलब है कि अभी हाल ही में COVID19 संकट के मद्देनजर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। अब स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा दिए उनके गत वर्ष/सेमेस्टर के अंकों/आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा/सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थियों के पूर्व वर्षों/ सेमेस्टर्स में से सर्वाधिक अंक प्राप्त परीक्षा परिणाम को प्राप्तांक मानकर अंतिम वर्ष/सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित किये जाएंगे। ऐसे परीक्षार्थी जो परीक्षा देकर और सुधार चाहते हैं, उनके पास परीक्षा देने का विकल्प भी रहेगा। वे आगामी घोषित तिथि पर ऑफलाइन परीक्षा दे सकेंगे।