मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती में EWS के 10% आरक्षण में फर्जीवाड़ा

मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती 2018 की काउंसलिंग पूरी होने से पहले ही यह विवादों में घिरती नजर आ रही है,
अभी OBC 27% आरक्षण एवं सामान्य महिला आरक्षण में अन्य वर्ग की महिलाओं को शामिल करने वाला मुद्दा नहीं सुलझा था कि 10% आरक्षण में फर्जीवाड़े का मुद्दा सामने आ गया
भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार सामान्य वर्ग के व्यक्तियों को सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत मध्यप्रदेश में भी 10% आरक्षण को लागू किया गया था
मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती 2018 विज्ञापन के समय यह आरक्षण लागू नहीं था,
लेकिन काउंसलिंग के लिए जारी विज्ञापन में ओबीसी के 14% आरक्षण के स्थान पर 27% एवं EWS के 10% आरक्षण को जोड़ा गया 
EWS 10% आरक्षण के पहली बार लागू होने के कारण इसके सर्टिफिकेट नहीं बने थे लेकिन जैसे ही इसे शिक्षक भर्ती में लागू किया गया कई लोगों ने ऐसे फर्जी तरीके से गलत जानकारी या पैसे देकर सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिए
और इन फर्जी सर्टिफिकेट का उपयोग शिक्षक काउंसलिंग प्रक्रिया में किया गया, जिसकी शिकायत मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती में EWS 10% आरक्षण से आवेदन करने वाले अभ्यार्थी जो चयन सूची से बाहर रह गए हैं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस कार्यकाल में हुए कार्यो का विश्लेषण करने वाली समिति से की है
इन अभ्यर्थियों ने मेरिट लिस्ट में शामिल कुछ अभ्यार्थियों के नाम के साथ सबूत के तौर पर दस्तावेज उपलब्ध कराएं है, 
चयनित सूची से बाहर हुई उम्मीदवारों का कहना है कि फर्जी प्रमाण पत्र से सूची में शामिल लोगों के कारण योग्य व्यक्तियों का चयन नहीं हो सका इसकी जांच होना चाहिए एवं गलत तरीके से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने एवं बनाने वालो पर कार्रवाई होना चाहिए
डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन से पहले ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो सकती है