गौरतलब है कि माध्यमिक शिक्षक भर्ती के पदों में असमान वितरण के विरोध में मध्य प्रदेश के युवाओं द्वारा लगातार सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं लेकिन सरकार का इसके पर कोई असर नहीं हो रहा, सरकार इस मुद्दे पर बिल्कुल भी गंभीर नहीं,कांग्रेस सरकार सत्ता में आने से पहले घोषणा पत्र में यह वादा किया था कि मध्य प्रदेश में 1,00,000 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी, जबकि हकीकत में 1,00,000 पदों पर भर्ती की बात तो दूर है सरकार ने निकाले गए पदों पर ही पूर्ण रूप से ईमानदारी से भर्ती नहीं की
दिल्ली चुनाव नतीजे के साथ ही मध्य प्रदेश के युवाओं द्वारा सोशल मीडिया पर नेताओं को चेतावनी दी जा रही है कि हमारी समस्या का समाधान किया जाए वरना आगामी चुनाव के लिए नतीजे दिल्ली चुनाव की तरह होंगे