मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती 2018-22 के अभ्यर्थियों की नवीन काउंसलिंग/चॉइस फिलिंग लिस्ट एवं सूचना जारी,MP Teacher Bharti New Order

मध्य प्रदेश के उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2022 से जुड़े याचिकाकर्ताओं के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) भोपाल ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। जबलपुर हाई कोर्ट द्वारा रिट अपील क्रमांक 1673/2025 एवं अन्य समरूप याचिकाओं में अगस्त 2026 को दिए गए ऐतिहासिक फैसले के बाद विभाग ने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

क्या था पूरा मामला और हाई कोर्ट का फैसला? शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कई अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थियों को 'जनजातीय कार्य विभाग' आवंटित हो गया था और बाद में उन्हें 'स्कूल शिक्षा विभाग' की काउंसलिंग व चॉइस फिलिंग में बैठने से रोक दिया गया था। इस पर हाई कोर्ट की युगलपीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि भर्ती के बीच में नियम नहीं बदले जा सकते। कोर्ट ने शासन को निर्देश दिया है कि सभी याचिकाकर्ताओं को उनकी मेरिट के आधार पर स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 'स्कूल चॉइस फिलिंग' का मौका दिया जाए।

DPI ने जारी की सूची: 20 नवंबर 2026 है अंतिम तिथि हाई कोर्ट के आदेश के पालन में लोक शिक्षण संचालनालय ने 6 नवंबर 2026 को कुल 91 उच्च माध्यमिक शिक्षक (UMS) और 259 माध्यमिक शिक्षक (MS) याचिकाकर्ताओं की सूची जारी कर दी है। विभाग ने अभ्यर्थियों को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:

  • जानकारी का मिलान करें: सभी संबंधित याचिकाकर्ता जारी की गई PDF सूची में अपना नाम, रोल नंबर, जिला और याचिका क्रमांक अच्छी तरह चेक कर लें।

  • त्रुटि सुधार कराएं: यदि सूची में दी गई जानकारी में कोई गलती (विसंगति) है, तो तुरंत विभाग को सूचित करें।

  • नाम छूटने पर क्या करें: यदि किसी याचिकाकर्ता का नाम इस सूची में शामिल नहीं है, तो वे आदेश के साथ संलग्न 'प्रपत्र' (Format) को भरकर और उसमें माननीय न्यायालय के आदेश की कॉपी लगाकर विभाग को भेजें।

  • कहां और कब तक भेजें: अपनी आपत्ति या छूटे हुए नाम का प्रपत्र दिनांक 20 नवंबर 2026 तक संचालनालय की आधिकारिक ईमेल आईडी dpi.ucr@mp.gov.in पर अनिवार्य रूप से भेज दें

  • काउंसलिंग/चॉइस फिलिंग लिस्ट एवं आदेश यहां से डाउनलोड करें Download Click Here



मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का आदेश

  • मुख्य विवाद: शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2018 की संयुक्त भर्ती में अधिक अंक (मेरिट) लाने वाले आरक्षित वर्ग के कई अभ्यर्थियों को 'जनजातीय कार्य विभाग' (Tribal Welfare Department) के स्कूल आवंटित कर दिए गए थे, जबकि उनसे कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों को 'स्कूल शिक्षा विभाग' (School Education Department) मिल गया था। बाद में विभाग ने 02.11.2022 और 21.12.2022 को आदेश निकालकर जनजातीय कार्य विभाग में नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों को स्कूल शिक्षा विभाग की काउंसलिंग/चॉइस फिलिंग में भाग लेने से रोक दिया था।

  • हाई कोर्ट का फैसला: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शासन चयन प्रक्रिया के बीच में खेल के नियम (Rules of the game) नहीं बदल सकता और अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थी को कम मेरिट वाले की तुलना में नुकसान में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने पुराने आदेश को निरस्त करते हुए सरकार को निर्देश दिया कि सभी याचिकाकर्ताओं को उनकी मेरिट और प्राथमिकता के अनुसार 'स्कूल चॉइस फिलिंग' का अवसर दिया जाए।

  • पूर्व से कार्यरत शिक्षकों की सुरक्षा: कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया के लागू होने से जो पूर्व में ज्वाइन कर चुके शिक्षक मेरिट से बाहर होंगे, उन्हें नौकरी से निकाला नहीं जाएगा, बल्कि 2 महीने के भीतर उसी विभाग के रिक्त पदों पर या दूसरे विभाग में समायोजित (Absorb/Adjust) किया जाएगा।


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