राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा RMS Rashtriya Military School (राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल) सत्र 2026 के लिए कक्षा 6 और कक्षा 9 में एडमिशन हेतु आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है
Rashtriya Military School Admission More Detail | राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल एडमिशन 2026 से संबंधित अधिक जानकारी
1. एडमिशन का नाम - RMS Rashtriya Military School Common Entrance Test (CET) 2026
2. आवेदन शुरू - राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 सितंबर 2026 से शुरू हैं
3. आवेदन की अंतिम तिथि - इस एडमिशन टेस्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर 2026 (शाम 05:00 बजे तक) निर्धारित है
4. आवेदन शुल्क -
सामान्य/EWS/OBC: ₹1000
SC/ST/: ₹750
लेट फीस के साथ आवेदन (21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 तक): निर्धारित शुल्क के अलावा ₹500 अतिरिक्त लेट फीस देय होगी
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5. आयु सीमा - RMS Admission Age Limit
कक्षा 6 के लिए: एडमिशन हेतु अभ्यर्थी की आयु 31 मार्च 2027 को 10 वर्ष से 13 वर्ष के बीच होनी चाहिए (यानी जन्म 1 अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2017 के बीच हुआ हो)
। कक्षा 9 के लिए: एडमिशन हेतु अभ्यर्थी की आयु 31 मार्च 2027 को 13 वर्ष से 16 वर्ष के बीच होनी चाहिए (यानी जन्म 1 अप्रैल 2011 से 31 मार्च 2014 के बीच हुआ हो)
। युद्ध में शहीद हुए जवानों के आश्रितों को अधिकतम आयु सीमा में 6 महीने की छूट मिलेगी
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6. योग्यता - RMS Admission Qualification
कक्षा 6 के लिए: न्यूनतम कक्षा 5वीं पास होना चाहिए या कक्षा 5वीं में अध्ययनरत होना चाहिए (एडमिशन के समय पास होना अनिवार्य है)
। कक्षा 9 के लिए: किसी सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूल से न्यूनतम कक्षा 8वीं पास होना अनिवार्य है
। अभ्यर्थी को अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना चाहिए क्योंकि स्कूलों में शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी है
। अधिक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए नोटिफिकेशन में देखें।
7.राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों का विवरण (RMS Schools Details)
वर्तमान में भारत में 5 राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल संचालित हैं, जिनमें प्रवेश के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है
RMS चैल, शिमला (हिमाचल प्रदेश)
RMS अजमेर (राजस्थान)
RMS धौलपुर (राजस्थान)
RMS बेलगाम (कर्नाटक)
RMS बेंगलुरु (कर्नाटक)
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल से पढ़ाई करने के फायदे (भविष्य में करियर और नौकरी)
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों में केवल किताबी पढ़ाई नहीं होती, बल्कि छात्रों को भविष्य में उच्च पदों और लीडरशिप के लिए तैयार किया जाता है:
सेना में सीधे 'ऑफिसर' (Officer) बनने की तैयारी: इन स्कूलों का मुख्य उद्देश्य ही कैडेट्स को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और उन्हें रक्षा सेवाओं (Army, Navy, Air Force) में अधिकारी (Officers) के रूप में शामिल होने के लिए तैयार करना है
। NDA और टेक्निकल एंट्री (TES) में सर्वाधिक चयन: ये स्कूल कैडेट्स को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) परीक्षा के लिए विशेष रूप से तैयार करते हैं
। यहाँ कक्षा 10वीं के बाद केवल साइंस स्ट्रीम (Science Stream) पढ़ाई जाती है , जिससे छात्र 12वीं के तुरंत बाद NDA के साथ-साथ सेना की 10+2 टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES) (जिसमें बिना लिखित परीक्षा के सीधे SSB इंटरव्यू से सेना में इंजीनियर व ऑफिसर बनते हैं) के लिए भी पात्र होते हैं। SSB इंटरव्यू में सबसे बड़ा लाभ: डिफेंस में अफसर बनने के लिए सबसे कठिन चरण 5 दिनों का SSB Interview होता है। मिलिट्री स्कूल पूर्णतः आवासीय (Residential) और अंग्रेजी माध्यम के स्कूल हैं
, जहाँ रोजमर्रा की जिंदगी में सैन्य अनुशासन, स्पोकन इंग्लिश, ग्रुप डिस्कशन, स्पोर्ट्स और लीडरशिप ट्रेनिंग दी जाती है। इससे यहाँ के छात्र सामान्य स्कूलों के छात्रों की तुलना में SSB इंटरव्यू बहुत आसानी से पास कर लेते हैं। सिविल सर्विसेज और अन्य सरकारी नौकरियों में फायदा: यह जरूरी नहीं कि यहाँ पढ़ने वाला हर छात्र सेना में ही जाए। CBSE बोर्ड से संबद्ध होने और मजबूत शैक्षणिक आधार के कारण
यहाँ के छात्र 12वीं के बाद IIT-JEE (इंजीनियरिंग), मर्चेंट नेवी, सिविल सर्विसेज (IAS/IPS) और CAPF (असिस्टेंट कमांडेंट) जैसी परीक्षाओं में भी शानदार प्रदर्शन करते हैं। प्रतिष्ठित IPSC सदस्यता और मजबूत नेटवर्क: 1925 से 1962 के बीच स्थापित ये स्कूल भारत के सबसे पुराने पब्लिक स्कूलों में से हैं और 'इंडियन पब्लिक स्कूल्स कॉन्फ्रेंस' (IPSC) के संस्थापक सदस्य हैं
। यहाँ के पूर्व छात्रों (जिन्हें 'Georgians' कहा जाता है) का नेटवर्क देश-विदेश की बड़ी कंपनियों, प्रशासनिक सेवाओं और सेना के सर्वोच्च पदों पर है, जिसका लाभ छात्रों को अपने करियर और प्लेसमेंट में आजीवन मिलता है।

