आचार संहिता के नाम पर फिर अटकी मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती के साथ अन्य भर्तियां, भर्तियां ना निकलने से प्रदेश के युवाओं में आक्रोश



www.newsjobmp.com--मध्य प्रदेश में उप चुनाव की प्रक्रिया चालू होते ही प्रदेश में आचार संहिता लागू की गई लेकिन यह आचार संहिता जिस विधानसभा में चुनाव होना है वहां एवं विशेष जिलों में ही लागू है

आचार संहिता लागू होने के कारण नई घोषणाएं नए पद स्वीकृत नहीं हो सकते लेकिन सरकार की इच्छाशक्ति यदि प्रबल होती तो स्वीकृत पदों की भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया जा सकता था, विज्ञापन जारी होने से विपक्ष भी इसका विरोध नहीं कर पाता क्योंकि यदि विपक्ष इसका विरोध करेगा तो बेरोजगार युवाओं का गुस्सा विपक्ष पर उतरेगा

हो सकता है भर्ती प्रक्रिया में चुनाव आयोग बीच में रोड़ा बन सकता है लेकिन आचार संहिता से पहले स्वीकृत पद के लिए चुनाव आयोग से भी सरकार परमिशन ले सकती है एवं चाहे तो भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर सकते हैं

लेकिन ऐसा लगता है वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं यह नहीं चाहते कि भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हो क्योंकि प्रदेश में आचार संहिता का संभावित पूर्वानुमान सबको पता था उसके साथ मुख्यमंत्री जी को भी यह पता रहा होगा कि कब से आचार संहिता लग सकती है लेकिन जानबूझकर फिर भी पुलिस भर्ती के साथ अन्य भर्तियों की प्रक्रिया प्रारंभ करने में कोई खास रुचि नहीं दिखाई

आचार संहिता से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में लगभग 25,000 पदों की भर्ती की घोषणा की थी

जिसमें से 15000 पूर्व में आयोजित हो चुकी वर्ग 1 और 2 के पदों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने एवं 10,000 पद अन्य विभागों के शामिल हैं जिसमें मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक 3272,कृषि विभाग 863, राजस्व विभाग में 372, कौशल विकास विभाग में 302, एमपीयूडीसी में 52, एनएचएम में 3800 पद, आयुष लैक्चरर के 95, स्वास्थ्य विभाग के 2150, जेल प्रहरी के 282 पदों आदि शामिल हैं


सोशल मीडिया पर सभी भर्तियां निरस्त होने की झूठी खबरें वायरल

कुछ समाचार वेबसाइटों ने इस बात की झूठी खबर फैला दी कि निकाली गए सभी भर्ती को रोक दिया गया है|
यह खबरें पूर्णता फर्जी है निकाली गई भर्तियों में से किसी भी भर्ती को निरस्त नहीं किया गया है|
जिन भर्तियों के विज्ञापन जारी हो चुके हैं समस्त भर्तियों की परीक्षा आयोजित की जाएगी हां इतना जरूर हो सकता है कोरोनावायरस परीक्षाओं की तारीख में परिवर्तन किया जा सकता है|


प्रदेश के बेरोजगार युवा सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती का इंतजार कर रहे थे

पुलिस भर्ती का विज्ञापन जारी न होने के कारण प्रदेश के युवाओं में जमकर आक्रोश व्याप्त है इस आक्रोश का परिणाम सरकार को उपचुनाव में देखने को मिल सकता है

वहीं दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के बेरोजगार युवाओं का कहना है पहले तो मुख्यमंत्री जी ने कम पदों की स्वीकृति दी और उन पदों पर भी अब विज्ञापन जारी नहीं किया गया 

युवाओं का आरोप है कि सरकार रोजगार के नाम पर केवल राजनीति कर रही है

किसी भी पार्टी को प्रदेश के बेरोजगार युवाओं की चिंता नहीं

मुख्यमंत्री जी केवल घोषणाएं कर रहे हैं उन घोषणा पर अमल नहीं किया जाता।


प्रदेश के बेरोजगार युवाओं का दर्द


प्रदेश में बेरोजगार युवा आए दिन आत्महत्या कर रहे हैं लेकिन हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी को इस बात से कोई लेना देना नहीं है|

राजेश सोनी भोपाल


प्रदेश के बेरोजगार युवा नौकरी की आस में ना तो कोई व्यवसाय चालू कर पाते हैं और सरकार की नियत रोजगार देने की है नहीं सरकार स्पष्ट मना कर देती भर्तियां नहीं निकालेंगे कम से कम दूसरा काम धंधा तो लेते

आधी उम्र पढ़ाई में निकल गई बाकी की तैयारी में निकल रही है|

 जयराज सिंह सेंगर सागर


मैं ग्रामीण क्षेत्र से हूं शहर में रहकर तैयारी 3 साल से पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा हूं

मेरे पिताजी किसान है, पिताजी अपने खर्चों को काटकर हमारी पढ़ाई एवं तैयारी पर पैसा खर्च कर रहे जब भी घर जाता हूं पिताजी यही पूछते हैं बेटा तुम्हारी भर्ती कब तक आएगी अब झूठी आशा देते-देते थक गया हूं|

देवेंद्र पटेल दमोह


राजनीतिक पार्टियों को केवल बेरोजगारी तभी दिखती है जब वो विपक्ष में होते हैं सरकार बनते ही सारी समस्या दूर हो जाता है युवाओं की बात तक नहीं सुनते|

रूचि जैन ग्वालियर




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